नई दिल्ली, 3 सितंबर – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को उन बहादुर जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ऐतिहासिक “ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट” को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।
शाह ने जवानों की वीरता की प्रशंसा करते हुए इस अभियान को नक्सल-विरोधी संघर्ष के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
21 मई को नारायणपुर जिले में चलाए गए इस अभियान के दौरान सीआरपीएफ, डीआरजी, कोबरा बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस ने माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू सहित 27 नक्सलियों को ढेर करते हुए कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर एक बड़े नक्सली बेस कैंप को ध्वस्त किया।
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गृह मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार आईईडी खतरे के बावजूद सुरक्षा बलों ने साहस के साथ आगे बढ़ते हुए माओवादियों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोदी सरकार मार्च 2026 तक भारत को नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शाह ने कहा, “जब तक हर चरमपंथी या तो आत्मसमर्पण नहीं कर देता, पकड़ा नहीं जाता या समाप्त नहीं कर दिया जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि नक्सली हिंसा ने दशकों से पिछड़े इलाकों में विकास की राह रोकी है, लेकिन हाल के अभियानों के बाद अब 6.5 करोड़ से अधिक लोगों तक नए अवसर और सरकारी सुविधाएँ पहुँचने लगी हैं।
शाह ने यह भी आश्वासन दिया कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले सुरक्षाकर्मियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर कदम उठा रही है।











